10 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे जैसे ही हमने अपने कमरे का दरवाजा खोला 3 भूरे रंग के बिल्ली के बच्चे फुदकते हुए कमरे में आ गए ,उनके दोस्ताना व्यवहार से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह किसी के पालतू है। वह इतने कमजोर थे कि उनको देखकर मुझे ईना ,मीना डीका, गुड़िया का बचपन याद आ गया| परंतु शरारत उनकी आंखों से टपक रही थी| हमने उनको नाम दिया चीना ,टीना, देबू।😼😼😼

उन्होंने सबसे पहले पेट पूजा की ,उनको देखकर ऐसा लगा मानो वह तीन-चार दिन से भूखे हैं|इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 2😔😔
पता नहीं ऐसी कौन सी मजबूरी है ,जो 1 महीने के छोटे बच्चों को सड़क पर छोड़ दिया जाता हैं?|और वह मेरे पास कैसे पहुंच जाते हैं इस रहस्य से पर्दा श्री हरि भगवान कब उठाएंगे ?

खैर कोई बात नहीं ……😊😀
एक सप्ताह में ही तीनों बच्चे सुंदर दिखने लगे इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 3मिंटी, श्यामू, टाइगर के साथ मिलकर बहुत उधम करने लगे।इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 4 उन्होंने दो-तीन दिन में ही सब शरारते सीख ली ,मैंने उन्हें मिंटी के साथ बालकनी में रख दिया। जब उनको कमरे में आना होता तो अपने घर के ऊपर चढ़कर खिड़की तक पहुंच जाते और रोने लगते।(देखा आपने कितने चतुर है)।😍उनको पता था कि रोने पर ही खिड़की खुलेगी।इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 5और खेलकूदकर सो जाते ।
देबू अपनी मां को याद करके रोता रहता ,रात में उसको अपनी मां की अधिक याद आती थी इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 6 इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 7 इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 8इसलिए मैं उसे गोद में सुलाने के बाद ही उसके घर में रख कर आती ।चीना व टीना आराम से गोद मे लेटकर सब देखती रहती ।इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 9 इस वर्ष के नन्हे मेहमान 😼😼😼 10एक रात 10:00 बजे तक वह रोता ही रहा और मैं उसको सुलाने की कोशिश कर रही थी।सब बच्चे बहुत ध्यान से देख रहे थे ,तभी मिन्टी ने उसके सर पर हाथ रखा, देबू चुप हो गया और उसके पास जाकर सो गया|😍
मैं आश्चर्यचकित होकर देख रही थी कि मूक जीव भी एक दूसरे का दु:ख समझते हैं|
कुछ दिनो से चीना और देबू लापता है|😢 मेरी भगवान से प्रार्थना है कि वह जहां भी हो सुरक्षित एवं स्वस्थ हो।
हमारी अर्जी, तुम्हारी मर्जी ☺
श्री हरि भगवान कीकृपा दृष्टि सब पर रहे।👀

Pay Anything You Like

Karuna Om

Avatar of karuna om
$

Total Amount: $0.00