आज का दिन नंदु के लिए बहुत हि स्पेशल था । आज क्लास मौनिटर के लिए वोटिंग होने वाली थी । नंदु कब से इस दिन की वेटिंग कर रहा था । दो साल से नंदु क्लास मौनिटर चुनाव के लिए अपना नाम देने के प्रयास में था । बेचारा नंदु पढाई में आगे होने के बावजुद बाकी छात्रों की टिचर्स से चमचागिरी के कारण हमेशा अपना नाम क्लास मौनिटर के लिए देने में असफल हो रहा था । लेकिन बहुत प्रयत्नों के बाद उसके फेवरेट टिचर के कारण वह चुनाव के लिए पात्र हो हि गया ।

आज नंदु ने मम्मी ने उसके लिए लाई उसकी लकी शर्ट पहनी । अच्छे से तैयार होकर ( जो वो हमेशा हि होता है ) गौड की प्रे करके ( रोज का काम ) जल्दि हि स्कूल पहुंच गया । अपने दोस्तों से और जो दोस्त नहिं थे उनसे भी नंदु आज बहुत दिलखुलास बातें कर रहा था । उतने में स्कूल की बेल बजी और सब छात्र क्लासरूम में दौड पडे । टिचर ने अनाउंसमेंट करके स्कूल मौनिटर वोटिंग स्टार्ट कि । एक एक करके सब छात्रों ने अपना वोट डाला । अब निकाल लगने वाला था । नंदु अपने फेवरेट गौड ( जो हमेशा चेंज होता था ) का नाम मन हि मन में ले रहा था । लास्ट ईयर के क्लास मौनिटर ने जमके फिल्डिंग लगाई थी । उसी के नाम पर ज्यादा वोटिंग आ रहि थी । नंदु ने तो आशा हि छोड दि थी । वो अपने आप को समझा रहा था…may be next time लेकीन नंदु का नेक्स्ट टाईम जल्दि हि स्क्रीन पर दिखने लगा । नंदु के नाम पर वोटिंग ज्यादा हो गई । और ओय तेरी नंदु ने अपना नया चष्मा दो बार उतारकर साफ करके फिर से देखा । जिसकी उसने कल्पना भी नहिं की थी वहि कल्पना उसके आंखों के सामने सच हो गई थी । नंदु क्लास मौनिटर बन गया था ।

नंदु सोच रहा था उसके लकी शर्ट ने कमाल कर दिया या फिर ये मम्मी की दुवा का असर है । कहि ये मेरी मेहनत ( अच्छे कर्मों ) का फल तो नहि ? उतने में नंदु को सब कौंग्रेस्ट करने लगे । औफकोर्स ये नंदु के मेहनत का हि फल था । दो साल से वो स्कूल गार्डनिंग में अपना योगदान दे रहा था । पढाई में दुसरों की मदत कर रहा था । और बहुत सारे स्कूल प्रोग्राम में नंदु ने रेकॉर्ड ब्रेक किए थे । आज नंदु बहुत खुश हुआ की उसके खुशी के आंसु नए चष्मे की वजह से किसी को दिख नहिं गए । लेकिन वो जानता था बहुत बडि रीसपौन्सिबिलिटि उसके कंधे पर आ गई है । उसके मन ने ठान ली अब बदमाश छात्रों को सुधार कर हि रहुंगा और मेरे क्लास को world better place बनाउंगा । अभी से उसके दिमाग ने कौनसे कौनसे नए activities शुरु करने है सोचना स्टार्ट कर दिया । नंदु ने पुरे मन से सोच लिया था छात्रों को सुधारने के लिए I will give my 100 % उसने अपने भाषण में छात्रों को संबोधित करके कहा whatever I will do – for you ! for you ! for you ! उसके इस वाक्य पर इतने जोर से तालियों की आवाज गुंजी की कुछ क्षणों के लिए बाकी क्लास के छात्र भी कान पकडकर बैठ गए ।

नंदु क्लास को सुधारने के लिए बहुत मेहनत करने लगा । कई बार उसे क्लास के शरारती छात्रों से धमकी भी मिलने लगी । लेकीन नंदु ने कभी पार्शिलिटी नहिं की । वो अपना काम पुरी लगन से करता । एक बार छात्रों के कारनामों से परेशान होकर उसके सहनशीलता का बांध टूट गया और वो बोला Monitors are Humans Too !! छात्रों को अब सच में नंदु पर भरौसा हो रहा था । इतना की वे अब अपना टिफीन उसके साथ शेअर करने लगे । नंदु की मेहनत रंग ला रहि थी । उस साल का बेस्ट क्लास का अवोर्ड नंदु के क्लास को हि मिला । अब उसके आंखों के आंसू सब को दिखाई दे रहे थे क्योंकी नंदु आज अपना चष्मा घर पर हि भूल आ गया था । नंदु ने अपनी मेहनत से सारे छात्रों का दिल जित लिया और आगे चार साल तक स्कूल मौनिटर के पोस्ट पर रहा । अब वो Class Monitor Committee of India (CMCI) का चेअरमन है ।

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Amruta Sonawane

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