आज मैं आपको बताऊंगा कि एक लेखक को किस किस तरह से अपने लिखी की में सुधार लाना चाहिए। उन्हें क्या-क्या नियमों का पालन करना चाहिए। और इसका मतलब यह नहीं है कि मैं कोई महान लेखक हूं मैंने भी अभी भी लिखना चालू किया है। तो मैं जितना भी समझ पाया हूं कि मुझे मैं कैसे आगे बढ़ सकता हूं तो मैं चाहता हूं कि मैं उस चीज को आप के साथ बांटु।

  • कभी भी एक लेखक को अपनी लेकर विषय में दो विचार नहीं रखनी चाहिए कहने का अर्थ यह है कि जैसे कि उसके दिमाग में कोई भी तथ्य कोई भी कहानी कुछ भी आता है और जब उसे लिख देता है तो उसको उसके विषय में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए कि लोग इसको पसंद करेंगे कि नहीं करेंगे बस उसे लिखते रहना चाहिए।
  • अगर आपको लेखक बनना चाहते हैं तो आपको निरंतर लिखना चाहिए मतलब अपने लिखने की क्षमता को बढ़ाने चाहिए अपनी लिखावट में और सुधार करनी चाहिए।
  • हमेशा अपनी लेख को एक ही जगह पर लिखें।
  • आपको हमेशा नई नई शब्दावली सिक्के रहनी चाहिए और अगर आप हिंदी भाषा में अपनी लेख को लिखते हिंदी भाषा को ज्यादा महत्व देते तो आपको हमेशा नए नए शब्द सीखने चाहिए।
  • अगर आप एक‌ लेखक बनना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि एक लेख है कुछ भी आप किसी भी  विषय में लिख सकते हैं बस लिखने के ढंग में परिवर्तन करने से ही उसका महत्व घटता बढ़ता है।
  • एक लेखक की हमेशा आदत रहती है ज्यादा सुनने की कम बोलने की।
  • और एक महत्वपूर्ण बात चाहे आप कोई भी काम करें कोई भी काम भले ही वह लेखक बनना हो लेख लिखना हो या  इससे अलग कोई भी काम करें आपको एक चीज हमेशा अपने साथ रखना होता है वह है धैर्य। परंतु धैर्य का महत्व लेख के काम में सबसे ज्यादा बढ़ जाता है।
  • एक लिख लिखने के बाद आपको अपने ही ले को कम से कम चार से पांच बार खुद ही पढ़ना चाहिए ताकि अगर उसमें कोई गलती हुई हो तो आप उसको सुधार ले।

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Aditya

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