अच्छा……… शीर्षक रहस्यमई लग रहा है? जी हां , रहस्य है|
वैसे तो मेरे सभी मित्र हैं ,परंतु जो बार-बार व रहने के लिए आश्रम मे आते हैं उन से सम्बन्ध  कुछ और अधिक घनिष्ठ हो जाता हैं 😍।सोनू और दीपि उनमें से है (काल्पनिक नाम)।
कोविड-19 के कारण सोनू के साथ बच्चे अमेरिका से नहीं आ सके,इसलिए मैंने सोचा कि उनके लिए केक बना कर भेज दूंगी। सोनू और बच्चे यह सुनकर बहुत खुश हुए |
2 दिसंबर को मुझे मालूम हुआ कि सोनू वापिस चली गई हैं। (मेरी तबीयत ठीक ना होने के कारण मैं 2 दिन से कमरे में ही थी, मुझे बहुत अधिक दुख और आत्मग्लानि हुई कि मैं इसी समय क्यों बीमार हो गई)। 2 दिसंबर की शाम दीपि ने बताया कि वह भी सुबह जा रही इसलिए वह लगभग 9:00 बजे तक मेरे पास ही थी| वह बहुत उदास थी, क्योंकि अपने जन्मदिन 7 दिसंबर तक आश्रम में रहना चाहती थी । दीपि के जाने के बाद भगवान की कृपा से मुझ में इतनी ऊर्जा का संचार हुआ कि मैं तुरंत उठी और रात के 12:30 बजे तक मैंने छोटे-छोटे 6 केक व एक बड़ा चॉकलेट केक बना लिये।😀🥞
सुबह दीपि मुझसे मिलने आई तब वह केक देखकर बहुत ही भावुक और खुश हुई ,परंतु उनके पास स्थान की कमी होने के कारण उन्होंने छोटे केक ही लेना उचित समझा ।(एक बार और मैं मायूस हो गई)।कुछ देर बाद श्री हरि भगवान की प्रेरणा से मैंने वह केक( उनको बिना बताए) टैक्सी में रखवा दिया| 😎
आश्रम से कुछ दूर जाने के बाद दीपि ने केक को देखा और कार में सुरक्षित स्थान पर रख दिया और फोन करके कहा कि मैं इतनी सारी केक का क्या करूंगी मैंने उनको सुझाव दिया कि 12 घंटे की यात्रा में अपनी सह यात्रियों के साथ यह केक काटकर उनके साथ भी जन्मदिन की खुशी बाँट सकती है।दीपि को यह विचार बहुत पसंद आया| 😍
चंडीगढ़ रेल गाड़ी में बैठने के बाद…. ओहहहहह….. केक तो कार में ही रह गया 😣,वाहन चालक से संपर्क न हो सकने के कारण दीपि ने वाहन चालक के भाई को फोन करके बोला कि केक वह इस्तेमाल कर लेऔर निश्चिंत हो गई|🤗
शाम को सोनू का केक के लिए धन्यवाद का मैसेज पढ़ कर मैंने सोचा कि जो केक मैंने 30 नवंबर को बनाया था यह संदेश उससे संबंधित है ,परंतु वह संदेश दीपि द्वारा कार में भूले गए केक के संबंध में था ,😐मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था 🙁| मैंने दीपि को फोन किया तो वह आश्वस्त थी कि केक वाहन चालक के घर में पहुंच चुका है| 😃अगले दिन सोनू ने अमेरिका से केक की और केक खाते हुए बच्चों की फोटो भेजी मैंने वह फोटो दीपि को भी भेजी क्योंकि हम दोनोंआश्चर्यचकित थे कि वह केक अमेरिका कैसे पहुंच गया|
दीपि ने वाहन चालक को फोन किया तब 24 घंटे बाद हमें हमारे श्री हरि भगवान की कृपा भरी कलाकारी समझ आई। (आप सब भी चकरा गए ना)?🤓😀
हुआ यूं कि ……सोनू का कुछ सामान आश्रम में छूट गया था जो दीपि के वाहन चालक को चंडीगढ़ सोनू के पास पहुंचाना था। उन्होंने केक का बैग भी सोनू का समझ कर सोनू को दे दिया था 😃। जब श्री हरि भगवान जी का यह खेल चल रहा था, हम भगवान जी की कठपुतलीयो को कुछ भी नहीं पता था।
हम कठपुतली तेरे हाथ की,
जैसे भी चाहे नचा ले मुरलिया वाले।।❤
क्या यह सब इत्तेफाक है|? 🤔🤗.
1. बीमार होने पर भी मुझ में ऊर्जा का संचार होना।🤔
2. अचानक से एक नहीं  दो प्रकार के केक बनाने का विचार आना|🤔
3. दीपि को उसी दिन की ही टिकट मिलना|🤔
4. केक कार में रखते हुए दीपि का और वाहन चालक का वहां ना होना।🤔
5. केक का कार में छूट जाना।
6.दीपि का वाहन चालक से संपर्क ना हो पाना|
7. वाहन चालक के भाई से संपर्क होने पर दीपि का निश्चिंत हो जाना।
8.वाहन चालक का केक बैग के संदर्भ में अनभिज्ञ होने के कारण सोनू के सामान के साथ पहुंचा देना।
मैं तो इसे भगवान की अपार कृपा ही मानती हूं मेरी कामना को पूरी करने और मेरी व्याकुल मन को शांत करने के लिए भगवान ने कितना कष्ट उठाया ।😍😍
हरि अनंत हरि कथा अनंत||
जय श्री हरि||😍

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Karuna Om

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