चालाकियों की हवा चल रही थी

चालाकियों की हवा चल रही थी।

 

अपनो की अपनो से होड चल रही थी

अपनो की अपनो से होड चल रही थी।

 

हैरान थी हैरान थी चलती हुई हवा

हैरान थी चलती हुई हवा,

सोच सोच कर की दो पल की जिंदगी में सकून की सांस नहीं, दो पल की जिंदगी में सकून की सांस नहीं तुझे ऐ बंदे,

 

थोड़ा रुक कर थोड़ा झुककर , 

थोड़ा रुक कर थोड़ा झुककर

करले प्यार अपनो से,

 

जो दिया था आज वापस आया है, पर जो आज देगा वो भी वापस आएगा,

जो आज देगा वो भी वापस आएगा।

 

सोच ले कल क्या चाहिए ऐ बंदे,

सोच ले कल क्या चहिए ए बंदे,

जो देगा आज, जो देगा अभी वही वापस आने को तैयार है।

 

जिंदगी को सुंदर बनाने का आसान तरीका तो यही है, प्यार दो प्यार दो।

क्या आ रहा है उसकी परवाह अभी छोड़ दो, जो दिया था कभी वापस आया है,

पर जो आएगा उसपर थोड़ा ध्यान दो, उसपर थोड़ा ध्यान दो।

 

यह चलती हुई हवा बोली

यह चलती हुई हवा बोली,

थोड़ा रुक कर थोड़ा झुक कर प्यार बांटता चल ऐ बंदे, जो देता जाएगा वही आता जाएगा।

 

मत घबरा तूफानों से

मत घबरा हार से

मत घबरा बंद दरवाजों से

 

वोह ऊपर बैठा तेरे सिर पर आशीर्वाद की छतरी लेके, 

वो उपर बैठा है तेरे सिर पर आशीर्वादों की छतरी लेके।