ज्यादा सोचना हानिकारक होता है। अगर आप किसी के बारे मे ज्यादा सोचते हैं तो आपका परिणाम  शून्य की ओर अग्रसर होता है अर्थात परिणाम नहीं  मिलेगा केवल समय की व्यर्थता होगी अतः दूसरो के बारे मैं ना सोचते हुए केवल अपने जीवन मैं सकारात्मक विचारों को अपनाए और जीवन का उद्देश पूर्ण करे। उद्देश्य पूर्ण करने का अर्थ है अपने लक्ष्य को प्राप्त करना अब मैं आपको बताना चाहूंगा लक्ष्य होता क्या है हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक लक्ष्य बना लेना चाहिए ताकि वह उसको सपाले और सफल हो जाए अगर लक्ष्य को मैं दूसरे शब्दों में परिभाषित करूं तो मैं से कहूंगा ऐसी चीज जिसे करने के लिए आप अपने हिसाब में संपूर्ण ताकत लगा दे उसे लक्ष्य कहेंगे आपका। अधिक सोचना लक्ष्य में बहुत गहरा संबंध है जब आप अधिक सोचने लगते हैं तब आप अपने लक्ष्य से भटक नहीं रखते हैं चाहे आप किसी दूसरे के बारे में सोच रहे हो या अपने ही बारे में कुछ ज्यादा ही सोच रहे हो। उदाहरण के लिए एक विद्यार्थी कोई लेले जो अपने परीक्षा के दिनों में जब अपने दोस्तों अपने मित्रों के बारे में सोचता है तो खुद का अध्ययन नहीं कर पाता है और परिणाम स्वरुप वह अपने परीक्षा में असफल हो जाता है और उसके वह मित्र जो अपने अध्ययन में ध्यान दे रहे थे वे सफल हो जाते हैं।

   संपूर्ण निष्कर्ष यही निकलता है कि व्यक्ति को अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए पहले उसे प्राप्त कर देना चाहिए फिर जैसी आप अपनी सफलता की ऊंचाइयों पर खड़े होंगे सभी लोग आपके लिए ताली बजाएंगे।

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Aditya

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