First of all , I offer my Pranam at your Lotus feet Dear Swamiji,

Thank you so much for everything.

Today i would like to share my Bhaav (feelings)

    दिल की पुकार

 

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल की पुकार-२

एक बार तो आ जाओ, और सुन लो मन की पुकार।

 

मैंने सुना है भोले बहुत हो, सुनते हो सबकी पुकार,

तो फिर स्वामी, बोलो न, क्यों लग रही है देर अब मेरे पास आने में

ना मैं जानु जग की रीती -२

न भाए यह संसार

सब कुछ है पर कुछ भी नहीं है,

जल रहे दिल में अंगार

एक बार तो आ जाओ और सुन लो मन की पुकार

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल  की पुकार।

 

मैंने सुना है गले लगाकर अपना बनाते हो तुम,

तो फिर स्वामी, बोलो न क्यों लग रही है देर अब मेरे पास आने में

ना मैं जानू जग की माया-२

दुःख है यहाँ अपार,

सब कुछ पा के  सुख नहीं है

कष्ट है दिल में अपार

एक बार तो आ जाओ और सुन लो मन  की पुकार

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल  की पुकार।

 

मैंने सुना है दर्द समझकर, दौड़े चले आते हो तुम,

तो फिर स्वामी, बोलो न क्यों लग रही है देर अब मेरे पास आने में

न मैं जानू क्या है खुशियां-२

है खुशियां एक त्यौहार

सब कुछ है पर फिर भी गमी है-२

दर्द है दिल में अपार

एक बार तो आ जाओ और सुन लो मन  की पुकार

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल  की पुकार।

 

मैंने सुना है दर्शन दे कर , आशा पूरी करते हो तुम,

तो फिर स्वामी, बोलो न क्यों लग रही है देर अब मेरे पास आने में

न मैं मांगू जग का भरोसा-२

है भरोसा एक जंजाल

है सब पर भरोसा पर फिर भी नहीं है

धोखा है यहाँ अपार

एक बार तो आ जाओ और सुन लो मन  की पुकार

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल की पुकार-२

 

है तुम पर भरोसा “स्वामी जी”, सुन  लो  एक अरदास,

शरण मैं मांगू चरणों में तेरे ,जहाँ  बीते मेरी हर सांस।

मेरे स्वामी, अंतर्यामी, सुन लो दिल की पुकार-2

एक बार तो आ जाओ, और सुन लो मन  की पुकार।

 

कोटि कोटि प्रणाम स्वामीजी

आपके चरणों की धुल

आपकी

जसमीत ॐ

आपके इंतज़ार में

Pay Anything You Like

Jasmeet Kaur

Avatar of jasmeet kaur
$

Total Amount: $0.00