• हनु ——
    2 फरवरी 2021 को अनंता गौ माता ने पहले बच्चे को जन्म दिया। अपनी मां के रंग से कुछ अलग बहुत प्यारा दिख रहा था। जी हां——–बहुत प्यारा 😍। वह मंगलवार को जन्मा इसलिए उसका नाम हनु रख दिया ।
    परंतु——- 5 फरवरी को तीन दिन का होने के बाद भी वह कुछ असामान्य लग रहा था।
    मुझे बताया गया कि वह कमजोर है ,परंतु —–🤔देखने से ऐसा नहीं लग रहा था ।मेरे पुकारने पर वह मुझ तक पहुंचने की कोशिश करता परंतु दीवार या किसी भी वस्तु से टकरा जाता ।
    जब वह गौशाला के पास बनी सीढ़ियों से नीचे गिरने वाला था तो मुझे संदेह हुआ कि हनु को देखने में कठिनाई हो रही है।तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाया गया।
    उन्होंने विटामिन के इंजेक्शन देकर कहा कि यह ठीक हो जाएगा कुछ पशुओं में ऐसा होता है ।
    मेरे बार -बार कहने पर भी कि हनु नेत्रहीन है ,मेरी बात किसी ने नही सुनी और कहा कि ऐसा नही होता।मुझे तसल्ली तो हुई परन्तु विश्वास नहीं ।
    15-20 दिन बीतने के बाद भी जब हनु की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो मेरे आग्रह करने पर हनु को कार में सोलन अस्पताल भेजा गया ।वहां उन्होंने मेरे संदेह पर मुहर लगा दी कि हनु नेत्रहीन है ।
    अब मेरे दिमाग में दिन-रात हनु का चेहरा ही घूमता रहता क्योंकि नेत्रहीन पशु का जीवन कैसा होगा ?—-आप समझ ही सकते हैं।
    कुछ दिनो बाद 3 पशु चिकित्सक (घूमते हुए )आश्रम आए ।मेरे आग्रह करने पर उन्होंने हनु को देखा मेरे पूछने पर कि क्या हनु की आंखों का ऑपरेशन हो सकता है और वह ऑपरेशन की धनराशि की चिंता ना करें ।परंतु उन्होंने बताया कि हनु की आंखों में लेंस ही नहीं है और इस ऑपरेशन की सुविधा हमारे देश में नहीं है। हनु के लिए अब कोई संभावना नही—😢😢
    जब हनु मेरे पास आता तो मुझे लगता कि जैसे वह कह रहा है कि मुझे भी भगवान की बनाई हुई सुंदर दुनिया देखनी है ,लेकिन मैं उसे कैसे बताऊं कि वह भगवान की खूबसूरत दुनिया को इस जन्म में नहीं देख सकता।😭😭।
    जब हम गौशाला जाते तो वह बहुत बेचैन दिखाई देता ,हमें समझ नहीं आता कि वह बेचैन क्यों है।
    बहुत बाद में हमें एहसास हुआ कि वह हमारी आवाज पहचानता है और इसलिए बेचैन होता है हम उसकी मनपसंद सब्जी फल उसको क्यों नहीं खिला रहे हैं ।
    कुछ दिन (लगभग 15 दिन) से वह बहुत सुस्त और कमजोर लग रहा है। कई दिनो से उसने भोजन भी नहीं किया, अपना मनपसंद तरबूज़ भी नही😭😭।
  • मालूम चला कि एक दिन पीने के पानी तक पहुंचने की कोशिश में (बाहर गौशाला मे ) वह बहुत जोर से टकरा गया और सिर में चोट लगने से चक्कर आ गए और वह बहुत देर तक उठ नही सका।
    उसके टकराने की आवाज कमरे के अंदर तक सुनी जा सकती है।
    तब हम( पदम जी के साथ) उसके लिए बाल्टी में पानी लेकर गए उसे पानी पीने में भी कठिनाई हो रही थी इसलिए अपने हाथ से उसको तरबूज खिलाया।
    कल उसने स्वयं तरबूज खाया।
    हनु के बारे में विस्तार से बताने का मेरा यही उद्देश्य है कि जब भी आप भगवान के सामने जाएं कृपा हनु के लिए प्रार्थना अवश्य करें कि भगवान अब उसे इस जीवन से कष्टरहित मुक्ति दें दे ।
    मुझे यह पोस्ट लिखने में समय इसलिए लगा कि मैं समझ नहीं पा रही थी कि मुझे आपसे यह निवेदन करना चाहिए अथवा नहीं, परंतु अब हनु की दयनीय स्थिति मेरे लिए असहनीय हो गई है।
    मेरे निवेदन पर विचार अवश्य करियेगा ।
    ।।जय श्री हरि।।🙏🙏