कल मैं थोड़ा उदास थी…. क्योंकि मेरे पास जो फूल थे उनका हाल मेरी ही तरह था ,जो भगवान के चरणों तक तो पहुँच सकते थे, परन्तु गले का हार बनकर भगवान का सौन्दर्य नही बढ़ा सकते थे।फूल 2
कोई प्रबंध ना हो सकने के कारण हमने सोलन से स्वंय ही फूल लाने का फैसला किया(कालका में दिनेश भैया भी फूलो के लिए प्रयासरत थे)।
विचार आया, कि नौनी नर्सरी में भी फूलों के लिए एक प्रयास किया जाए, परंतु वहां के कर्मचारियों द्वारा कभी भी अनुकूल प्रतिक्रिया न मिलने के कारण मन मे आशा नहीं थी। वहां के एक उच्च अधिकारी जिन्होंने पहले कभी ठीक से बात भी नहीं की थी वह बाहर ही मिल गए (भगवान इस चुगली के लिए मुझे क्षमा करें, परन्तु आश्रमवासियो का भी ऐसा ही अनुभव है ।)उन्होंने बताया कि फूलों का मौसम समाप्त होने के कारण फूल नहीं है, परंतु आपको पौधे मिल सकते हैं|
हमने धैर्य और प्रेम पूर्वक उनको बताया कि हमें हमारे भगवान के लिए फूल चाहिए ।तभी …..
अरे यह क्या …… अचानक उनका व्यवहार ही बदल गया और वह फूलों के बारे में पता करने लगे|
तभी मैंने देखा कि कोई अनजान व्यक्ति हमारी कार की पिछली सीट पर बैठा है ,अरे ..अरे ..घबराइए नहीं…..
वहां के माली को हमारे साथ फूलों के खेतो तक भेजा जा रहा था ,जो 2 किलोमीटर दूर था ।अब उम्मीद की कुछ किरण नजर आई ,परंतु विश्वास अभी भी नहीं था। उस जंगलनुमा स्थान की हरियाली देखकर मैं आनंदित हो गई (खेत -खलिहान मुझे बचपन से ही बहुत पसंद है)।
भगवान की कृपा से मैं अब फूलों की बगिया में थी। जहां दो माली पहले से ही हमारे लिए गेंदे के फूल तोड़ रहे थे और मुझे भी अपने भगवान के लिए फूल चुनने का मौका मिला।
उस समय मैं भाव विभोर होकर भगवान की महिमा और कृपा का गुणगान करते हुए बड़बड़ा रही थी, क्योकि भगवान माली रूपों मे स्वंय अपनी प्रकृति से फूल चुनने मे मेरी सहायता कर रहे थे ( आश्चर्य है कि वहाँ एक पल भी भगवान की स्मृति मेरे ह्रदय से लुप्त नही हुई ।)
मुझे ऐसा लगा … जैसे भगवान कह रहे है कि ……
थक गया हूं करते करते याद तुमको ,
अब मैं तुमको याद आना चाहता हूं।।
(भगवान सदैव हमें अपनी कृपा दृष्टि में रखते हैं परंतु हम उनको भूल कर व्यर्थ के कार्यों में लगे रहते हैं)।
शायद यह घटना आपको विस्मित ना करें, परंतु मेरे लिए तो यह सपना पूरे होने जैसा ही है ।
(बाद में मेरे अनुरोध पर उन्होंने दो प्रकार के फूल और भी मंगा कर दिये।
       भगवान चाहे तो पत्थर से भी तेल निकाल सकते है।😊
स्वामी जी के आशीर्वाद और आप सब के प्रेम से मैं कुपात्र एक बार फिर श्री हरि भगवान की कृपा की पात्र बन गई ।
आप सब पर भी श्री हरि भगवान की कृपा सदैव बनी रहे ।😊
आज के दर्शन 😍फूल 3
।।जय श्री हरि।।

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Karuna Om

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