OS.me में हमारे सभी दोस्तों को बहुत सारा प्यार ।मेरी तरफ से पूज्य स्वामी जी के चरणों में दंडवत प्रणाम और सभी अध्यात्म के मार्ग पर चल रहे दिव्य आत्माओं को मेरा नमन। मुझे लगता है कि यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जिस पर एक से एक विद्वान हैं और वे किसी भी टॉपिक पर एक शानदार आलेख लिखने की क्षमता रखते हैं। हर कोई अपने आप में बेहतर लेखक है और अध्यात्म की क्षमता से भी भरा हुआ, संवेदनशीलता के गुणों से युक्त है ।मुझे आप लोगों के पोस्ट पढ़कर बेहद खुशी होती है और अनुभव करता हूं कि मैं भी इन दिव्य आत्माओं के बीच एक छोटा सा तिनका हूं।

            हम लोग अक्सर ट्रेन से या बस से सफर किया करते हैं ।वैसे मुझे ट्रेन से सफर करना बहुत अच्छा लगता है ।सामने खुली हुई खिड़की रहती है और उस खिड़की से बाहर रेलवे ट्रैक के दोनों साइड हरे भरे खेत को देखकर मन का मयूर नाच पड़ता है ।पर इसके साथ ही कुछ और भी चीजें देखने को मिलती है जिसके बारे में आज लिखूंगा और यह तस्वीरें बेहद ही भद्दी होती हैं जो भारत के वास्तविक छवि को गंदा करती हैं।

              आप लोगों ने देखा होगा बड़े-बड़े शहरों में बिल्कुल मुख्य मार्ग के पास और रेलवे ट्रैक के दोनों साइड के दीवारों पर मोटे मोटे अक्षरों में वाइट कलर से गुप्त रोग के बारे में लिखा रहता है और उसके शर्तिया पुख्ता इलाज करने की जानकारी दी हुई रहती है। नीचे उस डॉक्टर का नाम लिखा रहता है जो उस रोग को ठीक करने का दावा करता है। स्पष्ट शब्दों में लिखा रहता है,* गुप्त रोगी मिले आपकी बातें गुप्त रखी जाएंगी, संतान ना होना पति पत्नी के बीच मनमुटाव ,किया किया कराया हुआ, सौतन से अनबन हो जाना ,गर्लफ्रेंड का वशीकरण करना, 10 दिन में मर्दाना ताकत पैदा करना, निसंतान दंपत्ति मिले 6 महीने में नया बच्चा पैदा हो जाए ,*अबे यार यह तुम कौन सा टेक्निक लगा रहे हो…. तुम्हारे खोपड़ी में ऐसा कौन सा नया मशीन इंस्टॉल हो गया है जिसके बदौलत तुम इतनी बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां ले रहे हो। इन झोलाछाप हकीमो के नाम पढ़ो तो अक्सर आपको हकीम मोहम्मद चिलियास जान, तंत्र के सम्राट मोहम्मद उद्मुदुल्लाह ,खखोड़न बाबा  इत्यादि नामो से दीवार की शोभा बढ़ा रहा होता है। इन लोगों के अगर आप दावे पढ़ोगे तो ऐसा शानदार दावा करता है कि मेरी सामग्री ले जाओ और 24 घंटा में असर ना पड़े तो पैसा वापस। हमने भी सोचा था और एक बार एक जंतर बनवा कर लाया। घर लाया 24 घंटे के अंदर कुछ हुआ ही नहीं मनोकामना पूरी हुई नहीं और फिर बाद में जंतर खोलकर देखा तो उसके अंदर धूल मिट्टी भरी हुई थी। इस तरह के मोहम्मद पकौड़ा बाबा टाइप के दो कौड़ी के हकीम और वशीकरण कराने वाले बाबाओं की बहुत भारी भीड़ है 😎।हमारे देश का दुर्भाग्य है कि इन ठगों पर कोई प्रशासनिक कार्यवाही भी नहीं करता। मुझे अफसोस इस बात का होता है कि अपने बड़े-बड़े स्टीकर्स ट्रेन की बोगी में चिपका देते हैं और पूरी ट्रेन में अपना एडवर्टाइज इस तरह के बकवास  से करते हैं । इतना ही नहीं शहर के दीवारों पर बहुत बड़े बड़े मोटे मोटे अक्षरों में गुप्त रोगों के  नाम इस तरह से लिखे रहते हैं जैसे वेद वाक्य लिखे हो। सच कहता हूं मुझे अगर प्रशासनिक पावर मिला हुआ होता ना तो मैं इन ठगों को अच्छी तरह से सुधार कर रख देता।

           जो लोग भोले भाले होते हैं वो बेचारे इन ठगों के चंगुल में फंस जाते हैं ।यह हिमालय की दुर्लभ जड़ी बूटियों को बड़ी आसानी से बेचते नजर आते हैं ।ये किसी को भी वशीकरण कर लेने का दावा करते हैं। व्यापार में फसा हुआ पैसा 24 घंटे के अंदर निकाल देने का दावा करते हैं ।पति पत्नी के बीच अनबन हो तो उसे तुरंत सुलझा देने का दावा करते हैं। किसी को बच्चा नहीं हो रहे हो 6 महीने के अंदर बच्चा होने का दावा करते हैं ।समझ नहीं आता मुझे कि ईनके खोपड़ी में कौन सी ऐसी टेक्नोलॉजी चल रही होती है जिसके बदौलत यह इस तरह का कार्य करने का दावा करते हैं। वास्तव में पब्लिक प्लेस पर बड़े बड़े अक्षरों में इस तरह के गंदे एडवर्टाइज को करके यह हमारे देश की छवि को बिल्कुल ही गंदा करते हैं। मान लो विदेशी जो यहां पर आते हैं और वह अपने कैमरे में यहां के सार्वजनिक स्थानों की तस्वीरें कैद करके ले जाता है तो इससे भारत की क्या छवि बनती है ।लोग यही कहते हैं ना कि भारत में गुप्त रोगियों की संख्या सर्वाधिक है। बहुत से लोग होते हैं जिन्हें अपने स्वास्थ्य को सही रखने की जानकारी नहीं होती है और जरा सा कोई छोटा मोटा रोग हो जाए तो चोरी चुपके यह उस नीम हकीम  के पास पहुंच जाते हैं और यह नीम हकीम उससे पैसा ऐंठ लेते हैं और बदले में उनको कुछ फायदा भी नहीं देते। ऐसे ही लूट का एक बहुत बड़ा धंधा हमारे देश में चल रहा है  भारत के हर शहर में इस तरह के गुप्त रोग का इलाज करने का दावा करने वाले फर्जी हकीम की भीड़ लगी हुई है। हमें  कभी इस तरह के फर्जी और ढोंगी बाबाओं की चंगुल में कभी नहीं फंसना चाहिए और ना ही किसी अन्य को इस तरह के लोगों के बीच जाने देना चाहिए।

                 हमारे भारतीय अध्यात्म का स्वरूप किसी भी कीमत पर इतना गंदा नहीं हो सकता जितना कि यह ठगने वाले फर्जी बाबा उपस्थित करते हैं ।मैं तंत्र मंत्र का विरोध नहीं कर रहा मैंने तो तंत्र की भी बहुत अच्छी स्टडी कर रखी है ।तंत्र विशुद्ध रूप से भगवान शिव के द्वारा प्रतिपादित की गई साधना पद्धति है। इसके माध्यम से हम अपने जीवन में अनुकूलता ला सकते हैं ।तंत्र किसी भी कीमत पर गलत नहीं है, हां इसका कुछ लोगों ने मिस यूज किया जिसकी वजह से तंत्र को बदनाम कर दिया गया पर ये लोग जिनकी बात हमने ऊपर लिखी है ये कोई तांत्रिक भी नहीं है इनकी औकात ही नहीं है असली तांत्रिक बनने की। यह तो नकली तांत्रिक भी नहीं है फिर पता नहीं किस ताकत के आधार पर ये लोग इतना बड़ा बड़ा एडवर्टाइज करते हैं और अच्छे अच्छे लोग इनके उस माया जाल में फस कर अपना समय धन और स्वास्थ्य सब बर्बाद कर देते हैं ।इनके शब्द इतने दावों से भरे हुए होते हैं ना कि कोई भी एक बार इन पर यकीन कर ले। बहुत से लोगों से हमने इस तरह के फर्जी लोगों के चंगुल में फंस कर बर्बाद हो जाने की कहानी सुनी है।

         एक संवेदनशील भारतीय नागरिक होने के नाते हमें इस तरह की रूढ़िवादी विचारधाराओं से खुद को और अपने प्रिय जनों को बचाना चाहिए ।यह भी अपने आप में एक ईश्वरीय कार्य कहलाता है ।स्वच्छ भारत अभियान का मतलब बाहरी कचरे को ही साफ नहीं करना है, बल्कि इंसान के रूप में जो कचरा है उसका भी सफाया करना है। और उस चेहरे को साफ करने का सबसे अच्छा तरीका है कि इनका  बहिष्कार कर देना चाहिए।

       आशु सिंह का सबको प्रणाम🌴🌴🌻🌻🙏🙏🌲🌲🌱🌱🥀🥀🌾🌾🌳🌳💐💐

 

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Ashu Harivanshi

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