____इंसानी पहचान___

जब इस दुनिया पर किसी अंश ने चलना फिरना सिखा था,

 तब उसे एक जीव का दर्ज़ा मिला था,

 ऐसे ही सदियांं  बीती और जीव संसार का

 विकास हुआ,

 इसी माध्यम से हम सब ने इस धरती पर है

 जन्म लिया,

 सुना था मैंने इस संसार में हर जीव की

 होती है अलग पहचान,

 उस पहचान को पाने के लिए जन्म लेता

 है हर इंसान,

 यह इंसानी दिख ही अलग करती है उसे बाकी जीव जंतुओं से,

 शायद इसी दिख के कारण जीता है वो अक्सर धोखे में,

अब तो यह इंसानियत बट गयी है कई किरदारों में,

परेशान हूं मैं कोई तो इस पहेली को
सुुलझा पाए,

कैसे निभाएं हम इतने किरदारों को,

जब तक हमें इंसान होने का महत्व ही
ना समझ में आए,

भगवान ने बना कर भेजा था हमें  एक
इंसान,

पर दुनिया के बनाए  किरदारों को निभाते
हुए हम भूल गए हैं अपनी असल पहचान,

………………………………………………..

 

कैसे निभाऊं मैं एक लड़की का किरदार,

कैसे निभाऊं मैं एक लड़की का किरदार,

क्यूंकि इस दुनिया में खो गई है उसकी इंसानी 
पहचान,

भूल गए हैं लोग कि वो भी है एक इंसान,

बंदिशें लगा कर उस पर क्यों बन
जाते हैं लोग उस के भगवान,

मिट गई है किमत यहां एक इंसान की,
स्वार्थ ने ही तो यह दुनिया है बरबाद
की …………

मिट गई है किमत यहां एक इंसान की,
स्वार्थ ने ही तो यह दुनिया है बरबाद
की …………

– शिवानी पुरी

इस कविता के बारे में मैं कुछ ज्यादा कहना नहीं चाहूंगी क्योंकि यह कविता ही बहुत कुछ बयान कर देती है , दिल में कहीं ना कहीं इतने भाव छिपे हुए हैं जो शायद मैं व्यक्त ही नहीं कर पा रही हूं, लेकिन जीवन के कितने ही ऐसे क्षण हैं जो अब भी याद करो तो बहुत दुःख लगता है कि संसार में रहना कितना मुश्किल हो गया है, हर पल अब जीने में भी डर लगता है, हमारी आज़दी तो कहीं छिन सी गई है….

यह विषय हमेशा से कहीं ना कहीं मेरे दिल के बहुत ज़्यादा करीब रहा है लेकिन आज मैं इसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं कहना चाहती…..

क्योंकि आप भी इन सब से कहीं ना कहीं परिचित हैं और आप भी कहीं ना कहीं ऐसा ही सोचते होंगे जैसे कि मैंने इस कविता में व्यक्त किया है….

यह कविता मैंने बहुत समय पहले लिखी थी अब मैं इसे आप लोगों के साथ सांझा करती हूं….

मुझे उम्मीद है कि आपको यह कविता और यह विषय अच्छा लगेगा…

मैं चाहती हूं कि मैं इस विषय पर और भी कुछ लिखूं और अपने विचार ,अपने अनुभव आपके साथ सांझा करूं,भविष्य में मैं आपके साथ ज़रूर अपने विचार और अपने अनुभव सांझा करूंगी…..🙏🙏

आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद🙏🙏

मुझे आपके सहयोग की बहुत ज़रूरत है🙏🙏

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Gorvi Sharma

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