Sharing something fresh with friends here… A new song “Khushboo | ख़ुश्बू” we created and hope you would find it worth your time and enjoy it as much we did while creating it. 

it started with a few lines I wrote on FB and my friend (Ramesh Krishnamurthi) responded back with little singing on his guitar to me. I then turned those two lines into multiple lines with music and mood that goes with it and with 2~3 iterations that incorporated some feedback, here is the final version. 

Please let me know how you like it and does it trigger a feeling when you listen to it. Hope to get connected and hear from you on YouTube as well.

 

Khushboo | ख़ुश्बू

तेरी ख़ुशबू, तेरी ख़बर
तेरी चाहत, तेरा असर
तेरी ख़ुशबू, तेरी ख़बर
तेरी चाहत, तेरा असर

दिल तेरा, बे~सबर 
दिल मेरा, बे~सबर
तेरी ख़ुशबू, तेरी ख़बर 
तेरी चाहत, तेरा असर

तेरा चेहरा, तेरी नज़र  
जैसे खिलती हुई सहर
तेरा चेहरा, तेरी नज़र  
जैसे खिलती हुई सहर

तू मुझ से बे~ख़बर
मैं ख़ुद से बे~ख़बर
तेरा चेहरा, तेरी नज़र
तेरी संगत, हर पहर 

तेरी संगत, हर पहर 
मेरी साँसे गयीं ~ ठहर
तेरी संगत, हर पहर 
मेरी साँसे गयीं ~ ठहर

क्या सच, तू बे~ख़बर?
मै क्यूँ ना, बे~सबर
तेरी संगत, हर पहर 
मेरी साँसे गयी~ठहर

बे-सबरी, बे~ख़बर 
तेरे इश्क़ का है असर
तेरी संगत, तेरा असर
हर सासें उम्र भर

मेरी आँखे, तेरी नज़र 
वो खिलती हुई सहर
वो हँसता हुआ कँवल
तेरे इश्क़ का है असर

तेरी ख़ुशबू, तेरी ख़बर 
तेरी चाहत, तेरा असर
दिल तेरा, बे~सबर 
दिल मेरा, बे~सबर

तेरी ख़ुशबू, तेरी ख़बर 
तेरी चाहत, तेरा असर

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Saurabh Dixit

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