I wrote this way before Swamiji. I am not a poet nor a Writer . Actually i am nothing but a Servant of yours . On this auspicious day i am sharing this with you all. 

सुबह की सैर मै शीतल पवन आप ही तो हो
सूरज की पहिली किरण आप ही तो हो
गुजरते समय मे आप हो
उससमयके भी परे आप ही तो हो
मन के हर कोने में आप ही तो हो
इस काया के प्राण आप ही तो हो
डगमगा जाउ मै तो
मेरा सहारा आप ही तो हो
आप आभास हो प्रेम आप हो
चेतना की धारा में आप हो
मेघ आप हो वर्षा भी आप हो
उसके पीछे नटखट चंद्रमा आप ही तो होो
विश्व आप हो उसका कल्याण आप हो
मेरे लिए मेरे स्वामी आप ही विश्वेश्वर हो
मा कि ममता आप हो
पिता का छत्र आप हो
सृष्टि की लीलाओं में आप हो
मेरे स्वामी लीलाधर आप ही तो हो
मधुर आप हो मधुरा भी आप हो
संगीत का हर राग आप हो
तत्व आप हो भाव आप हो
नेत्रों में बहने वाले ये अश्रू आप हो
मेरे स्वामी मेरे लिए तो सर्वेश्वर आप हो
 

जन्म दिन कि हार्दिक शुभकामनाएं स्वामीजी😘

 

सदैव आपके चरणों में.🌼🌸