गुड़िया ……….वह अपने नाम के अनुरूप गुड़िया जैसी प्यारी और छोटी सी थी| और शरारती इतनी की उसके कारनामों की व्याख्या करना कठिन है|
एक महीने बाद मौसम परिवर्तित होने के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई| पशुओं के डॉक्टर की सलाह से उसका उपचार शुरू कर दिया गया ,मुझे तनावग्रस्त देखकर सुश्री दिया जी उसको अपने साथ ले गई ।
अगले दिन उन्होंने सूचना दी कि गुड़िया ठीक है और धूप में खेल रही है| सुनकर बहुत राहत मिली, परंतु लगभग शाम के 5:00 बजे दिया जी का फोन आया कि गुड़िया यहां नही है ।बहुत ढूंढने पर वह नीचे झाड़ियों में फंसी हुई दिखाई दी ।
उसकी हालत देखकर मुझे चक्कर आ गया ,😣क्योंकि उसकी पिछली टांगे क्षतिग्रस्त थी और नाक से खून निकल रहा था ।हमारा अनुमान था कि पांव फिसलने के कारण वह नीचे गिर गई होगी क्योंकि औषधि का प्रभाव होने के कारण वह अधिकतर समय नींद में ही रहती थी ,हम जल्दी से उसको डॉक्टर गीता जी के पास ले गए, परीक्षण करने के बाद उन्होने आश्वासन दिया कि वह ठीक हो जाएगी ,और उस रात उसको अपने पास ही रखा ।
ईना ,मीना ,डीका के पास उसको नहीं रखा जा सकता था क्योंकि वह दर्द में थी|अगले दिन दिया जी ने उसे अपने पास रखने का फैसला किया क्योंकि गुड़िया को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता थी ।
मैं उसके लिए सुबह व शाम को ताजा दूध लेकर जाती थी क्योंकि वह ताजा दूध ही पीना पसंद करती थी| परन्तु उसने खाना पीना बिल्कुल छोड दिया था ,फिर भी हम कभी सिरिंज से कभी रुई से उसे दूध और पानी पिलाने की कोशिश करते थे| अब वह मुंह तो नही खोलती थी परन्तु अपनी छोटी-छोटी आंखों से हमें देखती रहती थी।😍
3 दिन बाद उसने अपनी आंखें भी बंद कर ली अभी भी हम उसे दूध पिलाने की कोशिश करते रहे क्योंकि उसकी सांसे तो चल रही थी 2 दिन बाद दिया जी का फोन आया कि गुड़िया आपसे मिलना चाहती है परन्तु वह तो अचेतन अवस्था में थी।गुड़िया की हालत देखकर आँसूओं ने हमारी आँखो का साथ छोड दिया ।अगले दिन (7 दिन बाद)सबको मन ही मन जय श्री हरि बोल कर वह बिल्ली नामक पिंजरे से उड़ गई। 😢😭

प्यारी गुड़िया 2जग में जिसका नाम है जीवन,                                    एक युद्घ है संग्राम है जीवन ।

                            

 

 

Pay Anything You Like

Karuna Om

Avatar of karuna om
$

Total Amount: $0.00