We are celebrating Diwali’s first day today – Vasubaras .
On this day , we worship Cow with her Calf . I want to dedicate this poem to Gau Mata with her calf who is greatest example of love ❤️

After reading Alok’s beautiful poem

Love Is…

I remembered this beautiful love poem which had written by my dearest friend few months back on os.me . I am sharing that poem 🙏

 

प्रेम कोई क्रिया नहीं,
प्रेम अक्रिय की प्रतिक्रिया है.

प्रेम जीवन की परतंत्रता नहीं,
प्रेम अक्षुण्ण स्वतंत्रता है.

प्रेमी रथी है महाभारत के रण में,
प्रेम सारथी है होश के क्षण में.

प्रेम है बुद्ध का निर्वाण में होना,
प्रेम महावीर का शून्य में खोना.

प्रेम है गूँजता हुआ नानक का ओंकार,
प्रेम है मीरा के घुँघरू की झंकार.

प्रेम है दृश्य में झाँकता हुआ अदृष्य,
प्रेम है गुरु में डूबता कोई शिष्य.

प्रेम है बुद्ध को तांकता हुआ कोई भिक्षु,
प्रेम है जैसे कोई खोजी मुमुक्षु.

प्रेम है इत्र, समर्पण पुष्पों का,
प्रेम है दृग बिंदु, अनछुए भावों का.

प्रेम प्रतिध्वनि है सन्नाटे की,
प्रेम चुभन है विरह कांटे की.

प्रेम है गिरधर में समाती कोई मीरा,
प्रेम है चैतन्य का वह अश्रु हीरा.

प्रेम शुन्य की सुगंध है,
प्रेम अनन्त आनंद है.

प्रेम नहीं हो सकता परिभाषित,
प्रेम से सम्पूर्ण सृष्टि प्रकाशित.

प्रेम में जैसे कोई हो गया बांवरा,
जैसे एक हो गए मीरा और सांवरा.

प्रेम नगर मैं कैसे जाऊं,
प्रेम डगर मैं कैसे पाऊं.

Wishing you very happy Vasubaras 🌷

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Amruta

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