To ,

My Dear Tulsi Maiyya ,

Today is Tulsi Vivah last day . I want to dedicate this poem to you Tulsi Maiyya which I had written long time back ❤️❤️ I still remember , how much fun and devotion I had while writing this poem 😇 You came to my home surprisingly with full of your beautiful Manjula’s ☘️ Still you are showering your grace on me and I am glad to have you in my home 🙏🙏

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

शोभा मुझसे तेरे द्वार कि ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

उपयुक्त औषधी निराली ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

सेहत तेरे प्रीतजनों की ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

चरणों में समर्पित हरी की ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

विवाहिता फिर भी कुंवारी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

राम तुलसी कृष्ण तुलसी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

हरी भक्ती के रस में डूबी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

निर्मल शांत स्वरूपिणी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

वैष्णवों कि लाडली दुलारी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

कृष्ण नाम की प्यासी ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

सुगंध मंजिरी बरसाती ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

हरी पूजा की प्रथम पात्र ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

मंगल पवित्रता की प्रतिक ☘️

मैं तुलसी तेरे आंगन की ,

स्वामी चरणों में अर्पण ☘️

🌷 जय तुलसी मैय्या 🌷

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Amruta

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