Satyam's writings


1mo ago

फ़न और फ़नकार

फ़न और फ़नकार में अंतिम में फ़न ही बचता है।

2mo ago

तूँ तूँ करता तूँ भया

आप का होना बस कितनो के लिए राहत है प्रभू🌺🌺❤️❤️🙇

3mo ago

मेरे तो गिरिधर गोपाल

उम्मीद की किरण

3mo ago

औरत-औरत

तुम्हे केवल स्त्री की कोमल देह दिखी, उसके भीतर का कोमल हृदय नहीं दिखा

4mo ago

रिश्ते जो बहुत कुछ सिखा के गए

' मैं इस मायने में बहुत भाग्यशाली रहा हूँ, मुझे बहुत प्यार करने वाली...

5mo ago

करुणा

उनका रोना बताता है कि औरत क्यों देवी का रूप कही जातीं हैं।

5mo ago

मैं सत्यम : किचन से 😃

ये अन्नक्षेत्र मेरा लीलाक्षेत्र है

9mo ago

भूल भुलैया

हर किसी के जीवन की भूल-भुलैया

10mo ago

मेरे हनुमान

हनुमान साधना🌺🌺

10mo ago

नदी

' मैं नदी था या नदी मुझ में थी'

10mo ago

परम् आलसी😁😁

आलस नगर का आलसी, एक दिन आलस भवन में।

10mo ago

परम् आलसी😁

आलसी होते नहीं ,आलसी अवतार लेते हैं😁

11mo ago

ANGER BOM

क्रोध से हुआ विस्फ़ोट अपने आस-पास के साथ सबसे ज्यादा हमें आहत करता है

11mo ago

😁😁आनंद की खोज😁😁(प्रशंसा और निंदा)

बेचारा इंसान आदिकाल से आनंद का खोजी है